25 मार्च 2010

सरसों फिर फूटे

फट गयी खेतों की मिट्टी ,
सूरज की गरमी सह सह कर |
अमवा सी बौराई देह
पोर - पोर टूटे ,
सरसों फिर फूटे ||
लेटा है कलुआ आँगन ,
ढांप अंगोछा , बिछा चटाई ,
काली बिल्ली पुरवा से ,
चट  कर गई दूध मलाई |
जाती बछिया को तक ,
गैय्या  डोल रही खूंटे |
सरसों फिर फूटे | |
ख़त्म हुई कुंए और पनघट की बातें ,
नहीं सुहाता तनिक कमरों का बंधन ,
गौना होकर आ रही पायल की रुनझुन ,
नीक बहुत होती हैं छत पर ठंडी रातें |
अम्मा - दादी , लहंगा - चुनरी ,
टांक रही बूंटे |
सरसों फिर फूटे | |

12 टिप्‍पणियां:

  1. ख़त्म हुई कुंए और पनघट की बातें ,
    नहीं सुहाता तनिक कमरों का बंधन ,
    गौना होकर आ रही पायल की रुनझुन ,
    नीक बहुत होती हैं छत पर ठंडी रातें |
    अम्मा - दादी , लहंगा - चुनरी ,
    टांक रही बूंटे |
    सरसों फिर फूटे | |

    ati sundar bhav abhivakti

    उत्तर देंहटाएं
  2. khubsurat bhavna pradhan tukbandi........achha laga........

    उत्तर देंहटाएं
  3. ख़त्म हुई कुंए और पनघट की बातें ,
    नहीं सुहाता तनिक कमरों का बंधन ,
    गौना होकर आ रही पायल की रुनझुन ,
    नीक बहुत होती हैं छत पर ठंडी रातें |

    sundar bhavon kee khoobasurat abhivyakti.shubhakamnayen.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही झनकृत करदेने वाली कविता...."

    उत्तर देंहटाएं
  5. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

    उत्तर देंहटाएं
  6. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

    उत्तर देंहटाएं
  7. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. हर शब्‍द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  9. बेनामी20/08/2010, 12:47:00 pm

    Very Interesting!
    Thank You!

    उत्तर देंहटाएं
  10. खूब-सूरत परिदृश्य -परिकल्पना !

    उत्तर देंहटाएं

आपके समय के लिए धन्यवाद !!

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...